मेरी एक वेवशी को,
गर कोई उधार ले लेता!
अपने को भी मै ,
कुछ सुधार लेता !
मेरी मौजूदगी रहे,
तेरी यादों के आँचल मे !
खास लम्हें की चाँदनी मै ,
तुझको बार बार देता !
तेरी जिन्दादिली के आयने मे ,
अपने को मै उभार लेता ....................
मेरी वेवशी को............................
..आन्नद
गर कोई उधार ले लेता!
अपने को भी मै ,
कुछ सुधार लेता !
मेरी मौजूदगी रहे,
तेरी यादों के आँचल मे !
खास लम्हें की चाँदनी मै ,
तुझको बार बार देता !
तेरी जिन्दादिली के आयने मे ,
अपने को मै उभार लेता ....................
मेरी वेवशी को........................
..आन्नद
aanandmayi kavita
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